कृषि जागृति-Krishi Jagriti

Agri Care & Organic Farming | Agriculture & Farming

  • Home
  • कृषि जागृति
  • कृषि समाचार
  • पशुपालन
  • कृषि तकनीक
  • कृषि उपकरण
  • सरकारी योजनाएं
  • कृषि जागृति संदेश
  • गैलवे कृषम फार्मिंग
Home » चीन के आगे झुका भारत? गैस संकट के बीच यूरिया के लिए करना पड़ा बड़ा समझौता..!

चीन के आगे झुका भारत? गैस संकट के बीच यूरिया के लिए करना पड़ा बड़ा समझौता..!

16/03/2026 by krishijagriti5

चीन के आगे झुका भारत? गैस संकट के बीच यूरिया के लिए करना पड़ा बड़ा समझौता..!

पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण एलएनजी की आपूर्ति प्रभावित होने के चलते भारत ने चीन से सीमित मात्रा में यूरिया निर्यात की अनुमति देने का अनुरोध किया है। आपको बता दें कि एलएनजी यूरिया उत्पादन के लिए एक प्रमुख कच्चा माल है और इसकी आपूर्ति में व्यवधान घरेलू उर्वरक उत्पादन को प्रभावित कर सकता है।

अधिकारियों के अनुसार अमेरिका, इज़राइल और ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण गैस आपूर्ति में आई बाधाओं ने भारत के कुछ उर्वरक संयंत्रों को उत्पादन घटाने के लिए मजबूर कर दिया है। इसी स्थिति को देखते हुए भारत ने चीन से यूरिया निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने का आग्रह किया है।

दुनिया का सबसे बड़ा यूरिया उत्पादक चीन अपने यूरिया निर्यात को कोटा प्रणाली के माध्यम से नियंत्रित करता है। पिछले वर्ष चीन ने कुछ देशों को सीमित मात्रा में यूरिया निर्यात की अनुमति दी थी, जिसमें भारत भी शामिल था। हालांकि 2026 के लिए निर्यात कोटा अभी तक तय नहीं किए गए हैं और इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है।

हालांकि, फिलहाल भारत में उर्वरक की तत्काल कमी नहीं है, लेकिन देश दुनिया का सबसे बड़ा यूरिया आयातक है। यदि गैस आपूर्ति में व्यवधान जारी रहता है, तो जून में दक्षिण-पश्चिम मानसून के साथ शुरू होने वाले खरीफ सीजन से पहले अतिरिक्त आयात की जरूरत पड़ सकती है, जब उर्वरकों की मांग चरम पर होती है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष में भारत अब तक करीब 98 लाख टन यूरिया आयात कर चुका है और आने वाले महीनों में लगभग 17 लाख टन और आयात होने की संभावना है। पश्चिम एशिया से एलएनजी उपलब्धता में कमी के कारण स्थिति और जटिल हो गई है। फिलहाल उर्वरक संयंत्रों को उनकी आवश्यकता का लगभग 70 प्रतिशत गैस ही मिल पा रही है, जिसके चलते कुछ उत्पादकों को उत्पादन कम करना पड़ा है।

यह भी पढ़े: खाने के तेल पर वैश्विक संकट: ताड़ तेल आयात 6 महीने के रिकॉर्ड पर, भारत में कीमतें बढ़ी..!

जागरूक रहिए व नुकसान से बचिए और अन्य लोगों के जागरूकता के लिए साझा करें एवं कृषि जागृति, स्वास्थ्य सामग्री, सरकारी योजनाएं, कृषि तकनीक, व्यवसायिक एवं जैविक खेती से संबंधित जानकारियां प्राप्त करने के लिए जुड़े कृषि जागृति चलो गांव की ओर से या कृषि संबंधित किसी भी समस्या के जैविक समाधान के लिए WhatsApp करें।

Filed Under: कृषि समाचार Tagged With: China Urea Export, Fertilizer Buffers, Fertilizer Requirement, India Urea Import, India-China Urea Export

WhatsApp कृषि जागृति चलो गांव की ओर

Latest Post

दालों की कीमतों पर लगेगी लगाम! तूर और उड़द के शुल्क मुक्त आयात पर बड़ा फैसला..!

दालों की कीमतों पर लगेगी लगाम! तूर और उड़द के शुल्क मुक्त आयात पर बड़ा फैसला..!

चीन के आगे झुका भारत? गैस संकट के बीच यूरिया के लिए करना पड़ा बड़ा समझौता..!

चीन के आगे झुका भारत? गैस संकट के बीच यूरिया के लिए करना पड़ा बड़ा समझौता..!

खाने के तेल पर वैश्विक संकट: ताड़ तेल आयात 6 महीने के रिकॉर्ड पर, भारत में कीमतें बढ़ी..!

खाने के तेल पर वैश्विक संकट: ताड़ तेल आयात 6 महीने के रिकॉर्ड पर, भारत में कीमतें बढ़ी..!

वैश्विक चावल बाजार में थाई का निर्यात रुका, भारत के GI जोहा चावल ने पकड़ी विदेशों में रफ्तार..!

वैश्विक चावल बाजार में थाई का निर्यात रुका, भारत के GI जोहा चावल ने पकड़ी विदेशों में रफ्तार..!

वैश्विक अनाज संकट के बीच भारत गेहूं और चावल उत्पादन में बनाया नया रिकॉर्ड, यूक्रेन-रूस भी रेस में..!

वैश्विक अनाज संकट के बीच भारत गेहूं और चावल उत्पादन में बनाया नया रिकॉर्ड, यूक्रेन-रूस भी रेस में..!

कृषि जागृति-Krishi Jagriti

कृषि जागृति-Krishi Jagriti का मुख्य उद्देश्य केवल किसानों के जीवन सुधार हेतु स्वास्थ्य सामग्री, कृषि लेख, सरकारी योजनाएं, कृषि तकनीक, व्यवसायिक एवं जैविक खेती संबंधित जानकारियों का प्रसारण करना हैं। इसके अलावा किसी को अपनी जैविक उत्पाद या लेख प्रचार करवानी हैं, तो संपर्क कर सकते हैं। WhatsApp पर।

Follow Us

Leran More

  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms And Conditions

Search

Copyright © 2026 कृषि जागृति-Krishi Jagriti All Right Reserved