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खरीफ सीजन से पहले सरकार ने किया खाद का डबल स्टॉक, जानें सरकार का ‘प्लान-B’..!

17/03/2026 by krishijagriti5

खरीफ सीजन से पहले सरकार ने किया खाद का डबल स्टॉक, जानें सरकार का 'प्लान-B'..!

हाल ही में सरकार की ओर से आने वाले खरीफ सीजन को लेकर एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। सरकार का कहना है कि इस साल किसानों को खाद की कमी की समस्या नहीं होने दी जाएगी और खरीफ फसलों के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध रहेगा। यह जानकारी देश के सूचना और प्रसारण मंत्री Ashwini Vaishnaw ने दी है।

सरकार के अनुसार इस समय देश में खाद का मजबूत भंडार मौजूद है और आने वाले खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए पूरी तैयारी कर ली गई है। पश्चिम एशिया में चल रही भू-राजनीतिक परिस्थितियों और वैश्विक सप्लाई चेन में आई चुनौतियों के बावजूद सरकार ने उर्वरकों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए कई वैकल्पिक इंतजाम किए हैं, ताकि किसानों को खेती के समय किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

खबर के अनुसार मार्च महीने में देश में लगभग 17 लाख टन यूरिया उत्पादन होने की उम्मीद है। सामान्य परिस्थितियों में देश में हर महीने करीब 25 लाख टन यूरिया का उत्पादन होता है। हालांकि अप्रैल का महीना आमतौर पर खाद की मांग के हिसाब से थोड़ा शांत माना जाता है, क्योंकि रबी सीजन समाप्त होने के बाद मांग कुछ समय के लिए कम हो जाती है। इसके बाद मई और जून के महीनों में खरीफ फसलों की तैयारी के साथ खाद की मांग फिर तेजी से बढ़ने लगती है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस समय डाय-अमोनियम फॉस्फेट यानी डीएपी का लगभग 25 लाख टन का स्टॉक मौजूद है। यह मात्रा पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुनी बताई जा रही है। इसके अलावा NPK उर्वरक का भंडार भी काफी ज्यादा है। वर्तमान में एनपीके का स्टॉक लगभग 56 लाख टन बताया गया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा लगभग 31 लाख टन था। इससे यह संकेत मिलता है कि इस बार उर्वरकों की उपलब्धता पहले से बेहतर स्थिति में है।

सरकार का कहना है कि आने वाले खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों की सप्लाई को मजबूत करने के लिए कई देशों से आयात की व्यवस्था भी की गई है। पहले भारत में बड़ी मात्रा में Liquefied Natural Gas और उर्वरक कच्चा माल ओमान, कतर और सऊदी अरब जैसे देशों से आता था। लेकिन मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने रूस, मोरक्को, कनाडा और अमेरिका जैसे देशों से भी उर्वरक और कच्चा माल खरीदने की व्यवस्था की है।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक अगले 10 दिनों में खाद की सप्लाई की स्थिति और बेहतर हो जाएगी। जैसे-जैसे नए जहाज भारत के बंदरगाहों पर पहुंचेंगे, उर्वरकों का वितरण भी तेजी से किया जाएगा। इससे किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। हालांकि सरकार ने यह भी कहा है कि अगर वैश्विक स्तर पर संकट या युद्ध जैसी स्थिति ज्यादा बढ़ती है तो सप्लाई पर कुछ असर पड़ सकता है, लेकिन फिलहाल भारत की स्थिति कई अन्य देशों की तुलना में बेहतर बताई जा रही है।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि खरीफ सीजन की फसलों जैसे धान, मक्का, सोयाबीन, कपास और दालों के लिए समय पर खाद की उपलब्धता बहुत जरूरी होती है। यदि किसानों को बुवाई के समय पर्याप्त उर्वरक मिल जाता है तो फसल की शुरुआती वृद्धि अच्छी होती है और उत्पादन भी बेहतर मिलता है। इसलिए सरकार द्वारा पहले से स्टॉक तैयार रखना किसानों के लिए राहत की खबर मानी जा रही है।

किसानों के लिए यह भी जरूरी है कि वे खाद का उपयोग संतुलित मात्रा में करें। केवल यूरिया पर निर्भर रहने के बजाय फास्फोरस, पोटाश और सूक्ष्म पोषक तत्वों का भी सही उपयोग करना चाहिए। मिट्टी की जांच के आधार पर उर्वरकों का उपयोग करने से लागत कम होती है और उत्पादन बेहतर मिलता है।

कुल मिलाकर सरकार का कहना है कि आने वाले खरीफ सीजन के लिए देश में खाद का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसानों को किसी प्रकार की घबराहट की जरूरत नहीं है। यदि वैश्विक परिस्थितियों में बड़ा बदलाव नहीं होता है तो किसानों को समय पर उर्वरक मिलते रहेंगे और खेती का काम सुचारु रूप से चलता रहेगा।

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Filed Under: कृषि समाचार Tagged With: Global Fertilizer Supply Chain, India-Russia Fertilizer Deal, Kharif Fertilizer Outlook, Liquid Nano Urea, Urea Production India

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