घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मांग में सुधार के संकेतों के बीच सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया यानी सोपा ने वर्ष 2025-26 के तेल वर्ष के लिए सोया खली निर्यात का अनुमान बढ़ाकर 10 लाख टन कर दिया है। इससे पहले यह अनुमान 8 लाख टन रखा गया था। साथ ही सोपा ने सोयाबीन पेराई का अनुमान भी बढ़ाकर 102 लाख टन कर दिया है, जो पहले 97 लाख टन आंका गया था।
सोपा के कार्यकारी निदेशक डी. एन. पाठक के अनुसार पशुपालन और पोल्ट्री क्षेत्र से मजबूत मांग के कारण पशु चारे के रूप में सोया खली की घरेलू खपत का अनुमान भी 60 लाख टन से बढ़ाकर 62 लाख टन कर दिया गया है। हालांकि चालू तेल वर्ष के पहले पांच महीनों में निर्यात पिछले वर्ष की तुलना में कम रहा है।
अक्टूबर से फरवरी 2025-26 के दौरान सोया खली निर्यात 7.12 लाख टन रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 9.50 लाख टन था। इसी अवधि में उत्पादन भी 40.64 लाख टन से घटकर 37.48 लाख टन रह गया। पशु चारे के रूप में घरेलू खपत 27.50 लाख टन से घटकर 26.50 लाख टन और खाद्य क्षेत्र में उपयोग 3.65 लाख टन से घटकर 3.45 लाख टन रह गया।
मंडियों में सोयाबीन की कम आवक ने प्रसंस्करण गतिविधियों को भी प्रभावित किया है। फरवरी तक सोयाबीन की आवक 57 लाख टन आंकी गई, जो पिछले वर्ष के 66 लाख टन से कम है। इसी अवधि में पेराई 51.50 लाख टन से घटकर 47.50 लाख टन रह गई।
सोपा के अनुसार वर्तमान में सोयाबीन का कुल भंडार लगभग 58.41 लाख टन है, जिसमें से करीब 7 लाख टन सरकारी एजेंसियों के पास मूल्य समर्थन खरीद कार्यक्रम के तहत मौजूद है।
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