केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार व्यापक स्तर पर कृषि ऋण माफी पर विचार नहीं कर रही है। इसके बजाय सरकार का फोकस लक्षित ऋण सहायता और किसानों की आय स्थिरता पर है। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड यानी केसीसी योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके तहत किसानों को 3 लाख रुपय तक का फसल ऋण रियायती ब्याज दरों पर उपलब्ध कराया जाता है।
समय पर भुगतान करने वाले किसानों को अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिया जाता है। इसके अलावा बिना गिरवी के मिलने वाले अल्पकालिक कृषि ऋण की सीमा 1.6 लाख रुपय से बढ़ाकर 2 लाख रुपय कर दी गई है, जिससे किसानों की कर्ज तक पहुंच आसान हो सके। सरकार पीएम-किसान और फसल बीमा जैसी योजनाओं पर भी जोर दे रही है, जो किसानों को आय सहायता और जोखिम से सुरक्षा प्रदान करती हैं।
सरकार का मानना है कि इन उपायों के जरिए किसानों को आर्थिक झटकों से बचाने और उनकी आर्थिक स्थिति को स्थिर करने में मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि केवल किसान का कर्ज माफ करना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है; बल्कि किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराना ही उनके आर्थिक भविष्य को सुरक्षित कर सकता है।
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