अप्रैल की शुरुआत होते ही देश की प्रमुख मंडियों में दालों और सब्जियों के दामों में बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं। इस समय बाजार का मिजाज पूरी तरह से फसलों की आवक पर निर्भर है, जहाँ आपूर्ति बढ़ते ही कई प्रमुख दालों की कीमतें सरकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे फिसल गई हैं। खासकर अरहर और चने के मामले में स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है क्योंकि मंडियों में माल की आवक अचानक कई गुना बढ़ गई है, जिससे कीमतों पर भारी दबाव महसूस किया जा रहा है।
अरहर की आवक पिछले कुछ दिनों में 317 टन से उछलकर करीब 3,000 टन तक पहुँच गई है, जिसके कारण इसका भाव 7,221 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया है। यह कीमत इसके 8,000 के न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी कम है। इसी तरह चने का बाजार भी 5,304 के स्तर पर बना हुआ है, जबकि इसका सरकारी भाव 5,875 तय किया गया है। मंडियों में 17,000 टन से अधिक चने की मौजूदगी ने खरीदारों को मोलभाव करने की ताकत दे दी है, जिससे कीमतें फिलहाल ऊपर नहीं उठ पा रही हैं।
दूसरी ओर, उड़द और मसूर के बाजार में अब भी थोड़ी रौनक और मजबूती दिखाई दे रही है। उड़द की मांग बाजार में स्थिर बनी हुई है, जिसकी वजह से यह 8,386 रुपए प्रति क्विंटल के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो इसके 7,800 के एमएसपी से काफी ऊपर है। मसूर की कीमतें भी फिलहाल 7,158 के आसपास टिकी हुई हैं, जो 7,000 के एमएसपी के मुकाबले संतोषजनक हैं। हालांकि, जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे नई फसल की आवक बढ़ेगी, आने वाले हफ्तों में मसूर के दामों में भी थोड़ी नरमी आने की संभावना बनी हुई है।
मूंग के बाजार में काफी उठापटक देखी जा रही है। हालांकि कीमतों में सुधार के कुछ संकेत मिले हैं और यह 8,383 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुँची है, लेकिन मांग में अपेक्षित तेजी न होने के कारण यह अभी भी अपने 8,768 के एमएसपी से नीचे है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मूंग की कमजोर मांग के कारण कीमतें फिलहाल एक सीमित दायरे में ही घूम रही हैं। दालों की इन कीमतों में यह असमानता सीधे तौर पर मंडियों में आने वाले अनाज की मात्रा और घरेलू उपभोक्ताओं की तात्कालिक जरूरतों पर निर्भर कर रही है।
सब्जी बाजार का हाल भी कुछ अलग नहीं है, जहाँ भारी आपूर्ति के कारण कीमतों में सुस्ती छाई हुई है। प्याज और आलू जैसी बुनियादी सब्जियों के दाम ग्राहकों के लिए राहत भरे हैं क्योंकि मंडियों में स्टॉक की कोई कमी नहीं है। प्याज फिलहाल 1,071 के आसपास स्थिर बना हुआ है, जबकि आलू 605 रुपए प्रति क्विंटल पर कारोबार कर रहा है। टमाटर के दामों में काफी अस्थिरता और उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है और यह 1,244 के भाव पर व्यापार कर रहा है। कुल मिलाकर, वर्तमान में मंडी का रुख पूरी तरह से आवक के दबाव में दिखाई दे रहा है।
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