MSP पर सुप्रीम कोर्ट ने मांगा सरकार से जवाब, क्या किसानों को मिलेगी 100% खरीद की गारंटी

न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर चल रही लंबी बहस अब देश की सबसे बड़ी अदालत की दहलीज पर पहुंच गई है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और कृषि लागत और मूल्य आयोग को नोटिस जारी कर इस पूरे ढांचे में बदलाव की मांग वाली याचिका पर जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची की पीठ ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित पक्षों से अपना पक्ष रखने को कहा है।

याचिका में सबसे बड़ा सवाल मौजूदा कैलकुलेशन सिस्टम पर उठाया गया है, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि यह खेती की वास्तविक लागत को सही ढंग से नहीं दर्शाता। याचिकाकर्ताओं की मांग है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करते समय राज्य सरकारों द्वारा दिए गए लागत आंकड़ों को अधिक महत्व मिलना चाहिए। ऐसा करने से अलग-अलग राज्यों के बीच लागत और उत्पादकता में जो बड़ा अंतर होता है, उसे बेहतर तरीके से शामिल किया जा सकेगा।

फिलहाल, एक ही फॉर्मूला पूरे देश पर लागू करने से कई क्षेत्रों के किसान घाटे में रहते हैं। अदालत में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने दलील दी कि न्यूनतम समर्थन मूल्य सिर्फ एक सरकारी आंकड़ा नहीं, बल्कि किसानों की आय का सुरक्षा कवच है। इसलिए इसकी गणना में सुधार करना अब अनिवार्य हो चुका है।

याचिका में यह भी मांग की गई है कि सभी अधिसूचित फसलों की 100% खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित की जाए। वर्तमान में केवल कुछ ही फसलों और चुनिंदा क्षेत्रों में सरकारी खरीद का प्रभावी लाभ मिल पाता है। यदि 100% खरीद की मांग मान ली जाती है, तो उन सभी किसानों को राहत मिलेगी जो अपनी उपज सरकारी रेट पर बेचना चाहते हैं लेकिन व्यवस्था की कमी के कारण नहीं बेच पाते।

न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP की मौजूदा व्यवस्था में सुधार अब केवल किसानों की मांग नहीं, बल्कि एक गंभीर कानूनी मुद्दा बन चुका है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा केंद्र सरकार को नोटिस जारी करना इस बात का संकेत है कि देश की सबसे बड़ी अदालत भी एमएसपी के पुराने कैलकुलेशन फॉर्मूले और इसकी सीमित पहुंच को लेकर चिंतित है।

यदि भविष्य में गणना के लिए राज्य-विशिष्ट लागत आंकड़ों को प्राथमिकता दी जाती है और सभी अधिसूचित फसलों की शत-प्रतिशत खरीद सुनिश्चित की जाती है, तो यह भारतीय कृषि क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव होगा, जिससे किसानों को उनकी उपज का वास्तविक और लाभकारी मूल्य मिल सकेगा।

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