ओडिशा ने चालू खरीफ विपणन सीजन में धान खरीद का नया रिकॉर्ड बनाया है। राज्य सरकार ने इस साल कुल 77.78 लाख टन धान की बंपर खरीद की है। यह पूरी खरीद केंद्र और राज्य के संयुक्त न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी ढांचे के तहत संपन्न हुई है। मध्य नवंबर 2025 से 7 अप्रैल 2026 तक चले इस महाअभियान में 18.85 लाख किसानों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
इस दौरान किसानों के बैंक खातों में 23,603 करोड़ रुपय से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर (डीबीटी) की गई। इस बड़ी राशि में 5,565.59 करोड़ रुपय राज्य प्रोत्साहन के रूप में शामिल हैं। इस अतिरिक्त राज्य सहायता के कारण ओडिशा के किसानों को धान का प्रभावी खरीद मूल्य 3,100 रुपय प्रति क्विंटल मिला है।
इस मूल्य में 2,369 रुपय का केंद्रीय एमएसपी और राज्य सरकार की अतिरिक्त सहायता शामिल है। यह शानदार उपलब्धि पिछले साल की 73.45 लाख टन खरीद के आंकड़े को काफी पीछे छोड़ चुकी है। राज्य सरकार ने पूरे वर्ष के लिए कुल 93 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसमें 73 लाख टन खरीफ सीजन और 20 लाख टन रबी सीजन की फसल शामिल है।
यह आंकड़ा बताता है कि राज्य ने खरीफ का अपना लक्ष्य सफलतापूर्वक पार कर लिया है। जिलों के प्रदर्शन की बात करें तो बरगढ़, कालाहांडी, गंजाम और बलांगीर जैसे जिलों ने बेहतरीन काम किया है। इन जिलों ने शुरुआती चरण में ही अपना लगभग 96 प्रतिशत खरीद लक्ष्य हासिल कर लिया था और राज्य के इस रिकॉर्ड में अहम भूमिका निभाई।
सहकारिता मंत्री प्रदीप बाल सामंत ने पूरी खरीद प्रक्रिया पर संतोष जताया है। उन्होंने बताया कि जिन किसानों के पास वैध टोकन बचे थे, उन्हें अपनी फसल बेचने का पूरा मौका देने के लिए खरीद अवधि को 7 दिन के लिए बढ़ाया गया था, ताकि कोई भी किसान वंचित न रहे। यह रिकॉर्ड प्रदर्शन ओडिशा में एमएसपी के बढ़ते दायरे और राज्य की बेहतर खरीद क्षमता को दर्शाता है।
हालांकि, भविष्य की बंपर पैदावार और बढ़ती आवक को देखते हुए विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि राज्य को अपनी भंडारण और अनाज उठाव की व्यवस्था को और अधिक मजबूत करना होगा।
यह भी पढ़े: कपास उत्पादन के मामूली सुधार, CAI ने जारी किए नए आँकड़े, महाराष्ट्र में उछाल तो गुजरात को झटका
जागरूक रहिए व नुकसान से बचिए और अन्य लोगों के जागरूकता के लिए साझा करें। कृषि लेख, सरकारी योजनाएं, कृषि तकनीक, व्यवसायिक एवं जैविक खेती से संबंधित सटीक जानकारियां प्राप्त करने के लिए जुड़े कृषि जागृति चलो गांव की ओर से या कृषि संबंधित किसी भी समस्या के जैविक समाधान के लिए WhatsApp करें।
