गिर केसर आम की कनाडा में दस्तक; निर्यात से किसानों को बड़ा फायदा

गुजरात के गिर क्षेत्र के सुप्रसिद्ध केसर आम ने इस साल अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी शानदार उपस्थिति दर्ज कराई है। सीजन की पहली खेप के रूप में लगभग 800 बॉक्स केसर आम कनाडा भेजे गए हैं, जो वैश्विक स्तर पर भारतीय आमों की बढ़ती और मजबूत मांग का स्पष्ट संकेत है। अहमदाबाद से एयर कार्गो के माध्यम से भेजी गई यह खेप गुजरात के कृषि निर्यात क्षेत्र में एक नई ऊर्जा का संचार कर रही है।

निर्यात की गई इस खेप में प्रत्येक बॉक्स का वजन करीब 3 किलो है और इसमें 12 चुनिंदा प्रीमियम आम शामिल किए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत लगभग 45 कनाडाई डॉलर प्रति बॉक्स आंकी गई है, जो स्थानीय किसानों के लिए बेहद आकर्षक और लाभदायक है। इस सफलता का श्रेय सख्त गुणवत्ता नियंत्रण को भी जाता है, क्योंकि निर्यात से पहले सभी आमों को फाइटोसैनिटरी और कड़े आयात मानकों के अनुरूप पूरी तरह प्रोसेस किया गया है।

केसर आम के साथ-साथ यह निर्यात मॉडल रत्नागिरी के अल्फांसो (हापुस) आम को भी वैश्विक मंच पर नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है। वर्तमान में यूरोप, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे समृद्ध बाजारों में भी इन आमों की आपूर्ति की जा रही है। उत्पादों और बाजारों का यह विविधीकरण न केवल भारतीय आमों की साख बढ़ा रहा है, बल्कि निर्यातकों को वैश्विक जोखिमों से निपटने में भी मदद कर रहा है।

यह पूरी पहल वास्तव में ‘किसान-उद्यमी’ मॉडल की सफलता का जीवंत उदाहरण है। जब किसान सीधे वैश्विक बाजार और लॉजिस्टिक्स से जुड़ते हैं, तो उन्हें अपनी मेहनत का वास्तविक मूल्य मिलता है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जाती है। आगे चलकर यूरोप और उत्तरी अमेरिका में विस्तार की योजनाएं गुजरात के आम सीजन के लिए भविष्य की संभावनाओं को और भी समृद्ध बना रही हैं।

यह भी पढ़े: इथेनॉल से उड़ेंगे विमान: विशाखापत्तनम में बनेगा भारत का पहला एविएशन फ्यूल प्लांट

जागरूक रहिए व नुकसान से बचिए और अन्य लोगों के जागरूकता के लिए साझा करें। कृषि लेख, सरकारी योजनाएं, कृषि तकनीक, व्यवसायिक एवं जैविक खेती से संबंधित सटीक जानकारियां प्राप्त करने के लिए जुड़े कृषि जागृति चलो गांव की ओर से या कृषि संबंधित किसी भी समस्या के जैविक समाधान के लिए WhatsApp करें।

Leave a Comment