पंजाब के ऊर्जा मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध ने किसानों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। आगामी धान रोपाई सीजन को देखते हुए पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) ने बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अपना खाका तैयार कर लिया है। सरकार ने वादा किया है कि रोपाई के दौरान कृषि पंपों को प्रतिदिन 8 घंटे से अधिक बिजली मिलेगी, ताकि सिंचाई में कोई बाधा न आए।
सरकार ने धान की रोपाई को सुचारू बनाने के लिए इसे तीन अलग-अलग चरणों में विभाजित किया है। पहले चरण की शुरुआत 1 जून से होगी, जिसमें मुख्य रूप से गुरदासपुर, पठानकोट, अमृतसर, तरनतारन, रूपनगर, एसएएस नगर, फतेहगढ़ साहिब और होशियारपुर जिलों को शामिल किया गया है। इन जिलों के किसानों को सबसे पहले बिजली की विशेष आपूर्ति मिलनी शुरू होगी।
दूसरे चरण का आगाज 5 जून से किया जाएगा। इस चरण में फरीदकोट, बठिंडा, फिरोजपुर, श्री मुक्तसर साहिब और फाजिल्का जिलों को कवर किया जाएगा। वहीं, अंतिम चरण 9 जून से शुरू होगा, जिसमें लुधियाना, पटियाला, संगरूर, जालंधर और मानसा समेत राज्य के अन्य प्रमुख जिलों को बिजली आपूर्ति के विशेष शेड्यूल के दायरे में लाया जाएगा।
ऊर्जा मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि चरम मांग के समय किसी भी तकनीकी खराबी से निपटने के लिए पीएसपीसीएल की विशेष टीमें तैनात की गई हैं। ट्रांसफार्मरों और ट्रांसमिशन लाइनों का रखरखाव पहले ही पूरा किया जा चुका है। फील्ड अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि यदि कहीं कोई तकनीकी बाधा आती है, तो उसका तत्काल समाधान किया जाए ताकि किसानों की मेहनत पर कोई असर न पड़े।
सरकार ने किसानों से यह भी अपील की है कि वे घोषित कार्यक्रम के अनुसार ही रोपाई करें और बिजली का विवेकपूर्ण उपयोग करें। सोंध ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसानों को पर्याप्त ऊर्जा सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि पंजाब के धान उत्पादन लक्ष्यों को बिना किसी बिजली संकट के हासिल किया जा सके।
निष्कर्ष: पंजाब सरकार आगामी धान रोपाई सीजन को बिना किसी बिजली संकट के सफल बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। ऊर्जा मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध की घोषणा के अनुसार, पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) ने कृषि पंपों के लिए रोजाना 8 घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति का खाका तैयार किया है, जिसे 1 जून से 9 जून के बीच तीन चरणों में अलग-अलग जिलों में लागू किया जाएगा।
तकनीकी खराबी से तुरंत निपटने के लिए विशेष टीमों की तैनाती और बुनियादी ढांचे के रख-रखाव के साथ, सरकार ने किसानों से भी अपील की है कि वे तय कार्यक्रम के अनुसार रोपाई करें और बिजली का समझदारी से उपयोग करें ताकि राज्य के धान उत्पादन लक्ष्यों को आसानी से हासिल किया जा सके।
यह भी पढ़े: ओडिशा के नयागढ़ में शुरू हुई मूंग की सरकारी खरीद, किसानों को मिलेगा MSP का लाभ
जागरूक रहिए व नुकसान से बचिए और अन्य लोगों के जागरूकता के लिए साझा करें। कृषि लेख, सरकारी योजनाएं, कृषि तकनीक, व्यवसायिक एवं जैविक खेती से संबंधित सटीक जानकारियां प्राप्त करने के लिए जुड़े कृषि जागृति चलो गांव की ओर से या कृषि संबंधित किसी भी समस्या के जैविक समाधान के लिए WhatsApp करें।
कृषि जागृति-Krishi Jagriti एक अग्रणी डिजिटल समाचार मंच है, जो भारतीय किसानों को सशक्त बनाने के लिए समर्पित है। हमारा उद्देश्य किसानों तक नवीनतम कृषि लेख, सरकारी योजनाएं, उन्नत कृषि तकनीक, बाजार भाव और जैविक खेती से संबंधित सटीक और उपयोगी जानकारियों का प्रसारण करना है। हम ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों के जीवन में सकारात्मक सुधार लाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
