हरियाणा सरकार ने ‘भावांतर भरपाई योजना’ के अंतर्गत 6,177 किसानों और मधुमक्खी पालकों को 49.89 करोड़ रुपये की सहायता राशि जारी की है। इस वित्तीय सहायता के दायरे में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के आलू व फूलगोभी उत्पादक किसान तथा शहद उत्पादन से जुड़े मधुमक्खी पालक शामिल हैं।
आलू और फूलगोभी उत्पादक जिलों में मूल्य अंतर की भरपाई
योजना के अंतर्गत आलू उत्पादकों को अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, यमुनानगर और पंचकूला जिलों में मूल्य अंतर की भरपाई की गई है। इसके साथ ही अंबाला, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर जिलों के फूलगोभी उत्पादक किसानों को भी इस योजना का लाभ प्रदान किया गया है। वहीं, शहद उत्पादक मधुमक्खी पालकों के लिए अंबाला, भिवानी, फतेहाबाद, गुरुग्राम, हिसार, झज्जर, जींद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, नारनौल, रेवाड़ी, रोहतक, सिरसा और यमुनानगर सहित 15 जिलों में सहायता राशि हस्तांतरित की गई है।
भावांतर भरपाई योजना का मुख्य उद्देश्य और किसानों को सुरक्षा
भावांतर भरपाई योजना का मुख्य उद्देश्य बाजार की अनिश्चितताओं से उत्पादकों के हितों की रक्षा करना है। इसके तहत जब किसी अधिसूचित कृषि या संबद्ध उत्पाद का बाजार भाव सरकार द्वारा निर्धारित मानक अथवा संरक्षित मूल्य से नीचे चला जाता है, तो सरकार बाजार भाव और निर्धारित मूल्य के बीच के अंतर की भरपाई करती है। इससे फसल उत्पादकों और मधुमक्खी पालकों को कीमतों में अचानक आने वाली गिरावट के वित्तीय नुकसान से बड़ी राहत मिलती है।
निष्कर्ष: हरियाणा सरकार की ‘भावांतर भरपाई योजना’ वास्तव में बागवानी किसानों और मधुमक्खी पालकों को बाजार के उतार-चढ़ाव और औने-पौने दामों में फसल बेचने की मजबूरी से बचाने के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम कर रही है।
आलू, गोभी और शहद जैसी जल्दी खराब होने वाली उपज के लिए लागत मूल्य सुरक्षित होना उत्पादकों को आर्थिक स्थिरता देता है। 6,177 लाभार्थियों के बैंक खातों में लगभग ₹50 करोड़ की यह सीधी सहायता न केवल किसानों का मनोबल बढ़ाएगी, बल्कि राज्य में पारंपरिक फसलों से हटकर बागवानी और सहायक कृषि व्यवसायों की ओर किसानों के बढ़ते रुझान को भी मजबूती प्रदान करेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. हरियाणा सरकार ने भावांतर भरपाई योजना के तहत कितनी राशि जारी की है?
उत्तर: राज्य सरकार ने 6,177 लाभार्थी किसानों और मधुमक्खी पालकों के लिए कुल 49.89 करोड़ रुपये की सहायता राशि जारी की है।
Q2. इस चरण में किन फसलों और उत्पादों के उत्पादकों को लाभ मिला है?
उत्तर: इस बार मुख्य रूप से आलू और फूलगोभी उत्पादक किसानों तथा शहद उत्पादन से जुड़े मधुमक्खी पालकों को मूल्य अंतर की भरपाई की गई है।
Q3. शहद उत्पादकों के लिए किन जिलों में सहायता राशि भेजी गई है?
उत्तर: अंबाला, भिवानी, फतेहाबाद, गुरुग्राम, हिसार, झज्जर, जींद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, नारनौल, रेवाड़ी, रोहतक, सिरसा और यमुनानगर सहित कुल 15 जिलों के शहद उत्पादकों को लाभ मिला है।
Q4. भावांतर भरपाई योजना का मूल उद्देश्य क्या है?
उत्तर: जब भी किसी अधिसूचित उत्पाद का बाजार भाव सरकार द्वारा तय संरक्षित मूल्य से कम होता है, तो सरकार उस नुकसान की भरपाई सीधे किसान के खाते में पैसे भेजकर करती है।
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