हरियाणा में मूंग खरीद में देरी से किसान परेशान: ₹8,780 MSP के बावजूद ₹7,100 में बेचने को मजबूर

हरियाणा की मंडियों में सरकारी खरीद समय पर शुरू न होने से मूंग उत्पादक किसानों पर भारी आर्थिक संकट आ खड़ा हुआ है। केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹8,780 प्रति क्विंटल तय किए जाने और 1 अक्टूबर से खरीद प्रस्तावित होने के बावजूद हरियाणा राज्य सहकारी आपूर्ति एवं विपणन संघ (HAFED) ने अब तक मंडियों में तौल कांटे शुरू नहीं किए हैं। हिसार और आदमपुर मंडियों में हजारों क्विंटल मूंग की आवक हो चुकी है, जहां किसान मजबूरी में आढ़तियों और निजी व्यापारियों को ₹1,000 से ₹1,500 प्रति क्विंटल कम दाम पर अपनी उपज बेच रहे हैं। जानिए किसानों की लागत, नेफेड के नियमों का पेंच और जमीनी हकीकत।

1 अक्टूबर से खरीद प्रस्तावित थी

हरियाणा में सरकारी खरीद शुरू होने में देरी के कारण मूंग उत्पादकों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम भाव पर निजी व्यापारियों को उपज बेचनी पड़ रही है। केंद्र सरकार ने मूंग का एमएसपी 8,780 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है और खरीद 1 अक्टूबर से प्रस्तावित थी, लेकिन हरियाणा राज्य सहकारी आपूर्ति एवं विपणन संघ (हैफेड) ने अब तक खरीद शुरू नहीं की है।

हिसार-आदमपुर मंडियों में आवक

हिसार के जिला विपणन प्रवर्तन अधिकारी के अनुसार, खरीद एजेंसियां भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) से गुणवत्ता मानकों और दिशा-निर्देशों का इंतजार कर रही हैं। हिसार और आदमपुर मंडियों में करीब 1,500-1,500 क्विंटल मूंग की आवक हो चुकी है। इसके बावजूद सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसान एमएसपी का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।

₹1,500 कम भाव पर मजबूरी

मंडी में निजी कारोबारी एमएसपी से 1,000 से 1,500 रुपये प्रति क्विंटल कम भाव दे रहे हैं। अकेले हिसार में किसान करीब 5,000 क्विंटल मूंग कम कीमत पर बेच चुके हैं। पिछले साल कीट प्रकोप से हुए नुकसान की आशंका और भंडारण की सुविधा नहीं होने के कारण कई किसानों ने 7,100 रुपये प्रति क्विंटल पर उपज बेची।

लागत से कम में बिक्री

किसानों के मुताबिक, मूंग की औसत उत्पादन लागत 7,300 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक रही है। ऐसे में कम बाजार भाव पर बिक्री से उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य के किसानों ने सरकार से हैफेड के माध्यम से तुरंत एमएसपी पर पारदर्शी क्रय प्रक्रिया प्रारंभकरने की गुहार लगाई है।

मूंग उत्पादक किसानों के सामने 3 बड़े संकट

लागत से भी कम में फसल बेचने की लाचारी: किसानों के अनुसार मूंग की औसत उत्पादन लागत ₹7,300 प्रति क्विंटल से अधिक रही है। जब व्यापारी ₹7,100 में खरीद रहे हैं, तो किसान की जेब से हर क्विंटल पर ₹200 का घाटा हो रहा है।

भंडारण का अभाव और कीट का डर: पिछले वर्ष कीट प्रकोप और नमी से हुए नुकसान के कारण किसानों के पास घर पर मूंग रोकने की व्यवस्था नहीं है। रबी बुवाई के लिए खाद-बीज खरीदने के चक्कर में वे कम दाम पर बेचने को मजबूर हैं।

सरकारी एजेंसियों का आपसी समन्वय न होना: हैफेड का कहना है कि वे नेफेड से गुणवत्ता मानक (Quality Norms) मिलने का इंतजार कर रहे हैं। एजेंसियों की इस लेटलतीफी का खामियाजा गरीब किसान को भुगतना पड़ रहा है।

निष्कर्ष: जब सरकार दालों में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हजारों करोड़ रुपये के मिशन चला रही हो, तब देश के अग्रणी कृषि राज्य हरियाणा में किसानों को समर्थन मूल्य से ₹1,500 प्रति क्विंटल नीचे अपनी उपज बेचने पर मजबूर होना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

नेफेड और हैफेड के बीच गुणवत्ता मानकों की फाइलों में हो रही देरी का सीधा फायदा बिचौलिए और निजी व्यापारी उठा रहे हैं, जबकि लागत भी न निकाल पाने वाला किसान कर्ज के दलदल में फंस रहा है। राज्य सरकार को चाहिए कि बिना किसी और दिन की देरी के मंडियों में खरीद केंद्र खोले और जिन किसानों ने औने-पौने दाम पर मूंग बेची है, उन्हें भावांतर जैसी योजना से नुकसान की भरपाई करे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. केंद्र सरकार ने मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) कितना तय किया है?

उत्तर: केंद्र सरकार ने चालू खरीफ विपणन सत्र के लिए मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹8,780 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।

Q2. हरियाणा में मूंग की सरकारी खरीद कब से शुरू होनी प्रस्तावित थी?

उत्तर: राज्य में 1 अक्टूबर से हैफेड के माध्यम से समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीद शुरू की जानी प्रस्तावित थी।

Q3. हैफेड द्वारा खरीद शुरू न करने का क्या कारण बताया जा रहा है?

उत्तर: स्थानीय विपणन अधिकारियों के अनुसार, राज्य खरीद एजेंसी हैफेड को केंद्रीय एजेंसी नेफेड (NAFED) से गुणवत्ता मानकों और खरीद दिशा-निर्देशों की औपचारिक मंजूरी का इंतजार है।

Q4. मंडियों में निजी व्यापारी किसानों को क्या भाव दे रहे हैं?

उत्तर: निजी कारोबारी एमएसपी से ₹1,000 से ₹1,500 कम यानी ₹7,100 से ₹7,500 प्रति क्विंटल के आसपास भाव दे रहे हैं।
Q5. मूंग उत्पादन में किसानों की औसत लागत कितनी आई है?

उत्तर: किसानों के अनुसार बीज, खाद, कीटनाशक और डीजल मिलाकर मूंग की प्रति क्विंटल औसत उत्पादन लागत ₹7,300 से अधिक रही है।

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