बिहार में अगस्त महीने की मूसलाधार बारिश और गंगा-कोसी सहित प्रमुख नदियों की बाढ़ से हुए फसल नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार ने खजाना खोल दिया है। कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत पहले चरण में पात्र पाए गए 2,48,704 किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए ₹112.52 करोड़ की सहायता राशि भेज दी गई है।
असिंचित क्षेत्र के लिए ₹8,500, सिंचित के लिए ₹17,000 और बारहमासी फसलों के लिए ₹22,500 प्रति हेक्टेयर की दर से राहत दी जा रही है। कुल 4.57 लाख आवेदनों में से शेष बचे किसानों के लिए 22 अक्टूबर से शुरू होने वाले विशेष अभियान और डीबीटी स्टेटस चेक करने की पूरी रिपोर्ट।
2.48 लाख किसानों को डीबीटी भुगतान
बिहार में अगस्त 2026 की भारी बारिश और बाढ़ से फसल नुकसान झेलने वाले 2,48,704 किसानों के बैंक खातों में कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत 112.52 करोड़ रुपये भेजे गए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रत्यक्ष लाभअंतरण (डीबीटी) के जरिए यह राशि जारी की।
22 अक्टूबर से विशेष अभियान
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राहत अनुदान के लिए कुल 4,57,616 किसानों ने आवेदन किया था। पहले चरण में पात्र पाए गए 2.48 लाख से अधिक किसानों को सहायता दी गई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 22 अक्टूबर से विशेष अभियान चलाकर शेष पात्र किसानों को भी जल्द लाभपहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
प्रति हेक्टेयर अनुदान दरें
योजना के तहत फसल नुकसान के लिए असिंचित क्षेत्र में 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर, सिंचित क्षेत्र में 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर और बारहमासी फसलों के नुकसान पर 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता दी जा रही है।
रबी बुवाई के लिए खाद-बीज सहायता
राज्य सरकार के अनुसार, इस आर्थिक मदद का उद्देश्य प्रभावित किसानों को आगामी कृषि सीजन के लिए खाद, बीज और अन्य जरूरी संसाधन जुटाने में सहायता देना है। सरकार ने कहा है कि कोई भी पात्र किसान राहत से वंचित नहीं रहेगा।
बिहार कृषि इनपुट अनुदान से जुड़े 3 बड़े बिंदु
22 अक्टूबर से छूटे किसानों के लिए विशेष अभियान: कुल 4.57 लाख आवेदनों में से जिन किसानों के आवेदन पहले चरण में लंबित रह गए थे, उनके भौतिक सत्यापन के लिए 22 अक्टूबर से विशेष ब्लॉक-स्तरीय अभियान चलेगा ताकि रबी सीजन से पहले सबको पैसा मिल जाए।
फसलवार पारदर्शी दरें तय: सरकार ने नुकसान की श्रेणी के हिसाब से असिंचित जमीन पर ₹8,500, सिंचित पर ₹17,000 और बारहमासी बागवानी फसलों पर ₹22,500 प्रति हेक्टेयर की पारदर्शी दर निर्धारित की है।
रबी बुवाई के लिए सीधी आर्थिक मदद: यह राशि किसानों को गेहूं, मक्का, सरसों और दलहन की आगामी बुवाई के लिए खाद, बीज और जुताई की लागत जुटाने में सीधे मददगार साबित होगी।
निष्कर्ष: बाढ़ और जलभराव की दोहरी मार झेलने वाले बिहार के किसानों के लिए कृषि इनपुट अनुदान योजना एक बड़ी जीवनरेखा बनकर सामने आई है। पहले चरण में लगभग ढाई लाख किसानों के खातों में ₹112 करोड़ की त्वरित मदद पहुंचाना और बाकी बचे किसानों के लिए 22 अक्टूबर से विशेष सत्यापन अभियान चलाना यह दिखाता है कि प्रशासन रबी बुवाई से पहले हर पीड़ित किसान को संबल देने के लिए प्रतिबद्ध है।
किसान भाई तुरंत अपने बैंक खाते और आधार लिंकिंग की जांच कराएं, ताकि गेहूं और मक्के की बुवाई के इस महत्वपूर्ण समय में खाद-बीज की कोई कमी न रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. बिहार सरकार ने कृषि इनपुट अनुदान के तहत पहले चरण में कितनी राशि जारी की है?
उत्तर: राज्य सरकार ने पहले चरण में पात्र पाए गए 2,48,704 किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से 112.52 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की है।
Q2. असिंचित और सिंचित फसल क्षेत्र के लिए प्रति हेक्टेयर कितना मुआवजा दिया जा रहा है?
उत्तर: असिंचित फसल क्षेत्र के नुकसान पर 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर और सिंचित फसल क्षेत्र के नुकसान पर 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान दिया जा रहा है।
Q3. बारहमासी (बागवानी/गन्ना) फसलों के नुकसान पर क्या सहायता दर तय है?
उत्तर: केला, गन्ना और फलदार बारहमासी फसलों के नुकसान पर 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से आर्थिक सहायता दी जा रही है।
Q4. जिन किसानों को पहले चरण में पैसा नहीं मिला, उनके लिए क्या व्यवस्था है?
उत्तर: कुल 4.57 लाख आवेदकों में से शेष बचे पात्र किसानों के सत्यापन और भुगतान के लिए 22 अक्टूबर से विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है।
Q5. किसान अपने बैंक खाते में इस राशि की जांच कैसे कर सकते हैं?
उत्तर: किसान अपने आधार से जुड़े बैंक खाते के एसएमएस, बैंक पासबुक एंट्री या बिहार प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT Agriculture Bihar) पोर्टल पर जाकर अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं।
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