किसान भाइयों, फर्रुखाबाद जिले से खाद की उपलब्धता को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। जिला कृषि विभाग के अनुसार, जिले में यूरिया, डीएपी, एनपीके, पोटाश और सिंगल सुपर फास्फेट का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। किसानों को खाद की कमी नहीं होने देने के लिए लगातार नई खेप मंगाई जा रही है और समितियों व निजी बिक्री केंद्रों तक खाद पहुंचाई जा रही है।
50 हजार बोरी खाद की नई खेप
16 अक्टूबर 2026 को फर्रुखाबाद के रैक प्वाइंट पर कुल 2,500 मीट्रिक टन यानी 50,000 बोरी खाद प्राप्त हुई है। इसमें 30,000 बोरी सहकारी समितियों के लिए और 20,000 बोरी निजी बिक्री केंद्रों के लिए आवंटित की गई हैं। इसके अलावा पीपीएल कंपनी की डीएपी की एक और रैक आने की संभावना जताई गई है, जिससे 34,000 बोरी अतिरिक्त डीएपी मिलने की उम्मीद है।
जिले में खाद का कुल स्टॉक
जिला कृषि विभाग के अनुसार, जिले में वर्तमान में यूरिया 26,131 मीट्रिक टन, डीएपी 10,351 मीट्रिक टन, पोटाश 8,251 मीट्रिक टन, एनपीके 19,636 मीट्रिक टन और सिंगल सुपर फास्फेट 15,320 मीट्रिक टन उपलब्ध है। कृषि विभाग ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि उनकी मांग और निर्धारित मानकों के अनुसार खाद उपलब्ध कराने का प्रयास जारी रहेगा।
कालाबाजारी रोकने के सख्त निर्देश
खाद की कालाबाजारी और ओवररेटिंग रोकने के लिए सभी उर्वरक विक्रेताओं को दुकानों पर रेट बोर्ड और स्टॉक बोर्ड अपडेट रखने, बिक्री रजिस्टर का नियमित रखरखाव करने और प्रत्येक किसान को बिक्री की रसीद देने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर खाद बेचने या नियमों का उल्लंघन करने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
खतौनी और पहचान पत्र से खाद
किसान भाई खाद खरीदने जाते समय अपना आधार कार्ड, खतौनी और फार्मर आईडी साथ लेकर जाएं। यदि किसी कारण से फार्मर आईडी नहीं बनी है, तो जिला कृषि अधिकारी की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार खतौनी के आधार पर भी खाद प्राप्त की जा सकती है।
कंट्रोल रूम नंबर पर करें शिकायत
यदि किसी विक्रेता द्वारा निर्धारित कीमत से अधिक पैसे मांगे जाते हैं या खाद से संबंधित कोई समस्या आती है, तो जिला कृषि अधिकारी कार्यालय, फर्रुखाबाद के कंट्रोल रूम नंबर 05692-297733 पर कार्यदिवसों में शिकायत दर्ज कराएं।
डीएपी के संतुलित वैज्ञानिक विकल्प
किसान भाइयों, डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके, सिंगल सुपर फास्फेट और टीएसपी का इस्तेमाल भी फसल की जरूरत और मिट्टी की स्थिति के अनुसार किया जा सकता है। सिंगल सुपर फास्फेट से फसल को फास्फोरस के साथ कैल्शियम और सल्फर भी मिलता है। खाद का चुनाव फसल की जरूरत और पोषक तत्वों की मात्रा को ध्यान में रखकर करें।
खाद खरीदते समय किसान ध्यान रखें ये 3 बातें
खतौनी और आधार से भी मिलेगी खाद: यदि किसी कारणवश किसान की फार्मर आईडी नहीं बनी है, तो परेशान न हों। जिला कृषि अधिकारी के निर्देशानुसार खतौनी और आधार कार्ड दिखाकर भी सरकारी रेट पर खाद प्राप्त की जा सकती है।
पीओएस (PoS) मशीन की पक्की रसीद अनिवार्य: किसी भी विक्रेता से बिना रसीद या कच्ची पर्ची पर खाद न लें। विक्रेता के लिए दुकान पर रेट बोर्ड और स्टॉक बोर्ड लगाना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
ओवररेटिंग पर तुरंत दर्ज कराएं शिकायत: सरकारी दर से ₹1 भी अधिक मांगे जाने पर या जबरन दूसरा उत्पाद बांधने पर सीधे जिला कंट्रोल रूम नंबर 05692-297733 पर शिकायत करें।
निष्कर्ष: रबी बुवाई के इस नाजुक दौर में फर्रुखाबाद में 50,000 बोरी खाद की नई खेप पहुंचना और 34,000 अतिरिक्त डीएपी बोरियों का आवंटन किसानों के लिए बड़ी राहत है। प्रशासन द्वारा खतौनी से खाद वितरण और कंट्रोल रूम हेल्पलाइन की व्यवस्था कालाबाजारी रोकने में मददगार होगी। किसान भाई डीएपी की कमी होने पर एनपीके और एसएसपी जैसे वैज्ञानिक विकल्पों को अपनाएं और किसी भी प्रकार की ओवररेटिंग होने पर तुरंत आधिकारिक कंट्रोल रूम पर शिकायत दर्ज कराएं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. फर्रुखाबाद में 16 अक्टूबर को कुल कितनी खाद प्राप्त हुई है?
उत्तर: 16 अक्टूबर 2026 को रैक प्वाइंट पर कुल 2,500 मीट्रिक टन यानी 50,000 बोरी खाद प्राप्त हुई, जिसमें 30,000 बोरी समितियों और 20,000 बोरी निजी विक्रेताओं को आवंटित की गई हैं।
Q2. क्या जिले में डीएपी की और नई खेप आने वाली है?
उत्तर: हाँ, जिला कृषि विभाग के अनुसार पीपीएल (PPL) कंपनी की डीएपी की एक और रैक जल्द आने वाली है, जिससे 34,000 बोरी अतिरिक्त डीएपी उपलब्ध होगी।
Q3. यदि फार्मर आईडी नहीं बनी है, तो खाद कैसे मिलेगी?
उत्तर: यदि किसी कारणवश किसान की फार्मर आईडी नहीं बनी है, तो वे अपना आधार कार्ड और खतौनी दिखाकर भी सरकारी दर पर खाद प्राप्त कर सकते हैं।
Q4. निर्धारित मूल्य से अधिक पैसे मांगने पर कहाँ शिकायत करें?
उत्तर: अधिक मूल्य मांगने या खाद न देने पर किसान जिला कृषि अधिकारी कार्यालय, फर्रुखाबाद के कंट्रोल रूम नंबर 05692-297733 पर कार्यदिवसों में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
Q5. डीएपी न मिलने पर किसान किन अन्य उर्वरकों का प्रयोग कर सकते हैं?
उत्तर: डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके 12:32:16, सिंगल सुपर फास्फेट (SSP) और टीएसपी का प्रयोग किया जा सकता है, जिससे फास्फोरस के साथ सल्फर और कैल्शियम भी मिलता है।
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