वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में शोध अवसंरचना, ग्रामीण उद्यमिता और डिजिटल एकीकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से कई अहम घोषणाएं की हैं। देश में अनुसंधान एवं नवाचार पारितंत्र को मजबूत बनाने के लिए 1,000 से अधिक मान्यता प्राप्त क्लिनिकल ट्रायल स्थलों का राष्ट्रीय नेटवर्क स्थापित किया जाएगा।
इससे स्वास्थ्य और जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अनुसंधान गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में पशुपालन आधारित किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को सशक्त करने के लिए ऋण-संबद्ध सब्सिडी कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसका लक्ष्य ग्रामीण रोजगार सृजन को बढ़ावा देना और किसानों की आय में स्थिरता लाना है।
डिजिटल कृषि ढांचे को मजबूत करने के लिए ‘भारत विस्तार’ नामक बहुभाषी एआई-आधारित प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा, जो एग्री स्टैक के साथ एकीकृत होगा और किसानों को डिजिटल सेवाओं तक आसान पहुंच उपलब्ध कराएगा। महिला सशक्तिकरण के तहत सामुदायिक स्वामित्व वाले खुदरा केंद्र ‘शी मार्ट्स’ स्थापित किए जाएंगे।
यह पहल महिलाओं को स्थानीय उद्यम और बाजार भागीदारी से जोड़ते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उनकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। भारत सरकार के इस डिजिटल मंच का लक्ष्य है- लैब से खेत तक की दूरी को खत्म करना।
अब नई रिसर्च और सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए आपको कहीं भटकने की ज़रूरत नहीं।” चाहे वो मौसम की सटीक जानकारी हो या फसलों को बीमारियों से बचाने के तरीके, भारत विस्तार पोर्टल हर कदम पर किसानों का हमसफर है।”
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