बैंगन में डगा व फल छेदक कीट का नियंत्रण: 5 असरदार कीटनाशक और बचाव के आसान उपाय

बैंगन की फसल में डगा एवं फल छेदक कीट (Fruit & Shoot Borer) एक बेहद नुकसानदायक कीट है, जो पौधे की कोमल टहनियों और फलों में सुरंग बनाकर अंदर ही अंदर नुकसान करता है। इस कीट के कारण पौधों की बढ़वार रुक जाती है, फूल और फल झड़ जाते हैं तथा बाजार में फल की गुणवत्ता भी खराब हो जाती है।

यदि समय रहते इसका नियंत्रण न किया जाए तो उत्पादन में 60 से 70% तक की गिरावट आ सकती है। इसलिए इसका समेकित प्रबंधन (IPM) बेहद जरूरी है। इस कीट के नियंत्रण के लिए कई प्रभावी कीटनाशक (Active Ingredient आधारित) विकल्प उपलब्ध हैं, जिन्हें किसान अपने खेत में स्थिति के अनुसार उपयोग कर सकते हैं।

सबसे पहले बात करते हैं Emamectin Benzoate की, जो किसानों के बीच सबसे लोकप्रिय और प्रभावी कीटनाशक माना जाता है। यह दवा बहुत तेजी से काम करती है और फल व तने के अंदर छिपे लार्वा (कीट के बच्चे) को भी खत्म कर देती है। इसका उपयोग 0.4 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर स्प्रे के रूप में किया जाता है। बेहतर परिणाम के लिए 5 से 7 दिन के अंतराल पर दोबारा छिड़काव करना उचित रहता है।

दूसरा महत्वपूर्ण विकल्प है Spinosad, जो एक जैव-उत्पत्ति (Biological Origin) से बना कीटनाशक है। यह पर्यावरण के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित होता है और छोटे लार्वा पर बहुत प्रभावी होता है। यह भी फल के अंदर मौजूद कीट को नियंत्रित करने में सक्षम है। इसका प्रयोग 0.3 मिली प्रति लीटर पानी में घोलकर स्प्रे के रूप में किया जाता है। यह खासतौर पर उन किसानों के लिए अच्छा विकल्प है जो कम विषैले कीटनाशक चाहते हैं।

तीसरा विकल्प है Chlorantraniliprole, जो लंबे समय तक प्रभाव देने वाला कीटनाशक है। यह कीट की मांसपेशियों को प्रभावित करके उसे निष्क्रिय कर देता है, जिससे कीट खाना बंद कर देता है और मर जाता है। इसका उपयोग 0.3 मिली प्रति लीटर पानी के हिसाब से किया जाता है। यह दवा कम विषैली होती है और फसल की सुरक्षा के लिए बेहतर मानी जाती है।

इसके बाद आता है Indoxacarb, जो कीट को तुरंत खाना बंद करने पर मजबूर कर देता है। यह दवा 1 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव की जाती है। इसका असर 1 से 2 दिन के भीतर दिखाई देने लगता है और यह डग़ा छेदक कीट के लिए काफी प्रभावी है। Lambda-Cyhalothrin भी एक विकल्प है, जो तेज नॉकडाउन प्रभाव देता है यानी कीट को तुरंत खत्म करता है।

इसका उपयोग 0.5 मिली प्रति लीटर पानी में किया जाता है। हालांकि, इसे बार-बार उपयोग करने से कीट में प्रतिरोधक क्षमता (Resistance) विकसित हो सकती है, इसलिए इसका सीमित उपयोग ही करें। पुराने लेकिन कुछ क्षेत्रों में अभी भी उपयोग किए जाने वाले कीटनाशक जैसे Thiodicarb या Carbaryl भी इस कीट को नियंत्रित कर सकते हैं।

इनका उपयोग सावधानीपूर्वक करना चाहिए क्योंकि ये अपेक्षाकृत अधिक विषैले होते हैं। सामान्यतः 1.5 से 2 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से इनका प्रयोग किया जाता है। अब बात करते हैं कुछ महत्वपूर्ण फील्ड टिप्स की, जो किसी भी किसान के लिए बहुत जरूरी हैं। सबसे पहले, एक ही कीटनाशक का बार-बार उपयोग न करें। इससे कीट में रेजिस्टेंस विकसित हो जाता है और दवा असर करना बंद कर देती है।

इसलिए हमेशा दवाओं का रोटेशन करें, जैसे Emamectin Benzoate और Spinosad का बारी-बारी से उपयोग करना सबसे अच्छा परिणाम देता है। दूसरा, खेत में संक्रमित डग़ा और फलों को समय-समय पर तोड़कर नष्ट कर दें।

इससे कीट का जीवन चक्र टूट जाता है और संक्रमण फैलने से रुकता है। तीसरा, फेरोमोन ट्रैप का उपयोग करें। यह एक बहुत ही प्रभावी और पर्यावरण अनुकूल तरीका है, जिससे नर कीट आकर्षित होकर फंस जाते हैं और उनकी संख्या कम हो जाती है। सामान्यतः 7 से 10 ट्रैप प्रति एकड़ लगाए जाते हैं।

चौथा, स्प्रे हमेशा सुबह या शाम के समय करें, जब हवा कम हो और तापमान ज्यादा न हो। इससे दवा का प्रभाव बेहतर होता है और वाष्पीकरण कम होता है। पांचवां, खेत की नियमित निगरानी करते रहें ताकि कीट का प्रकोप शुरुआती अवस्था में ही पकड़ा जा सके। यह समझना बहुत जरूरी है कि केवल रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भर रहना सही रणनीति नहीं है।

यदि आप IPM (Integrated Pest Management) अपनाते हैं जिसमें साफ-सफाई, संक्रमित भागों की कटाई, फेरोमोन ट्रैप और सही दवा का रोटेशन शामिल है- रोटेशन तो आप इस कीट को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं और अपनी फसल से बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।

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