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भारतीय आमों के लिए खुले प्रीमियम बाजारों के दरवाजे; न्यूयॉर्क पहुंची हापुस की पहली खेप

14/04/2026 by Anil Kumar Prasad

भारतीय आमों के लिए खुले प्रीमियम बाजारों के दरवाजे; न्यूयॉर्क पहुंची हापुस की पहली खेप

भारत के प्रीमियम आमों का अंतरराष्ट्रीय सफर इस साल शानदार तरीके से शुरू हुआ है। 7 अप्रैल को महाराष्ट्र के हापुस (अल्फांसो) और केसर आम की पहली बड़ी खेप न्यूयॉर्क के लिए रवाना की गई, जो भारतीय निर्यातकों और किसानों के लिए एक अच्छी खबर मानी जा रही है।निर्यात की गई इस खेप में करीब 4 टन यानी 1,100 बॉक्स आम शामिल थे, जिन्हें मुंबई के कृषक विकिरण केंद्र से हरी झंडी दिखाई गई।

इन आमों को अमेरिकी बाजार की सख्त शर्तों को पूरा करने के लिए ‘गामा इर्रेडिएशन’ की अनिवार्य प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। यह तकनीक न केवल आमों की शेल्फ लाइफ बढ़ाती है, बल्कि उनमें मौजूद हानिकारक कीटों को भी खत्म करती है, जिससे फलों की गुणवत्ता वैश्विक मानकों के अनुरूप बनी रहती है। लासल गांव स्थित इस सुविधा का संचालन हिन्दुस्थान एग्रो लिमिटेड कर रहा है।

यह केंद्र महाराष्ट्र के कोंकण और गुजरात के बागों से आने वाले प्रीमियम आमों को दुनिया के बड़े बाजारों तक पहुँचाने में एक ‘ब्रिज’ का काम कर रहा है। पिछले साल प्रमाणन प्रक्रिया में हुई देरी ने निर्यातकों को काफी नुकसान पहुँचाया था, लेकिन इस बार समय पर शिपमेंट शुरू होने से पूरे उद्योग में राहत और उत्साह का माहौल है।

ऐतिहासिक रूप से लासल गांव की यह सुविधा 2000 के दशक की शुरुआत में प्याज के संरक्षण के लिए मशहूर थी, लेकिन 2007 के बाद से यह विशेष रूप से आम निर्यात का एक शक्तिशाली केंद्र बन गई है। हाल के वर्षों में यहाँ से 1,000 टन से अधिक आम विदेशों में भेजे जा चुके हैं। भारत का लक्ष्य इस साल कुल 50,000 टन आम निर्यात करने का है, जिसमें केवल लासल गांव केंद्र से ही जून तक 3,000 टन निर्यात होने की उम्मीद है।

अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया जैसे ‘प्रीमियम मार्केट’ तक भारतीय आमों की पहुँच सुनिश्चित करने में इस तरह की आधुनिक सुविधाओं का बड़ा योगदान है। इन तकनीकों के कारण न केवल भारत के निर्यात आंकड़े सुधर रहे हैं, बल्कि कोंकण और गुजरात के स्थानीय किसानों को भी उनकी फसल के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर और प्रतिस्पर्धी दाम मिल रहे हैं।

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Filed Under: कृषि समाचार Tagged With: Gamma Irradiation, Global Standards, Lasalgaon Irradiation Centre

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About Anil Kumar Prasad

मेरा नाम Anil Kumar Prasad है। मैं पिछले 5 वर्षों से कृषि क्षेत्र से जुड़ा हूँ। मैं कृषि जागृति-Krishi Jagriti का संस्थापक हूँ। मेरा उद्देश्य भारतीय किसानों के जीवन सुधार हेतु स्वास्थ्य सामग्री, कृषि लेख, सरकारी योजनाएं, कृषि तकनीक, व्यवसायिक एवं जैविक खेती संबंधित जानकारियों का प्रसारण करना है।

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