बिहार के मसूर उत्पादक किसानों के लिए राहत की खबर है। नाफेड ने राज्य में करीब 32,000 टन मसूर की खरीद 7,000 रुपय प्रति क्विंटल के एमएसपी पर करने का ऐलान किया है। राज्य के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी और दलहन खेती को बढ़ावा मिलेगा।
फिलहाल बाजार में मसूर का भाव 6,300 से 6,400 रुपय प्रति क्विंटल के आसपास है, ऐसे में एमएसपी पर खरीद किसानों को बेहतर कीमत सुनिश्चित करेगी। खरीद प्रक्रिया पैक्स और व्यापार मंडलों के माध्यम से की जाएगी, जो शुरू होने के बाद 60 दिनों तक चलेगी। इस सीजन में बिहार में मसूर उत्पादन करीब 1.37 लाख टन रहने का अनुमान है।
मूल्य सहायता योजना के तहत किसानों को भुगतान आधार-लिंक्ड डीबीटी के जरिए तीन दिनों के भीतर सीधे बैंक खातों में किया जाएगा। राज्य सरकार ने पंजीकरण, खरीद केंद्र और लॉजिस्टिक्स की तैयारी पूरी करते हुए किसानों से योजना में अधिक से अधिक भागीदारी की अपील की है। यह पहल फसल विविधीकरण, आय स्थिरता और आयात निर्भरता कम करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
बिहार में 32,000 टन मसूर की खरीद का यह लक्ष्य न केवल किसानों को बिचौलियों से बचाएगा, बल्कि उन्हें उनकी उपज का सही मूल्य दिलाकर आर्थिक रूप से सशक्त भी बनाएगा। अगर आप भी मसूर की खेती करते हैं, तो जल्द से जल्द अपना पंजीकरण पूरा करें और सरकारी केंद्रों पर ही अपनी फसल बेचें।
यह भी पढ़े: ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई में तेजी, रकबा 42 लाख हेक्टेयर के पार..!
जागरूक रहिए व नुकसान से बचिए और अन्य लोगों के जागरूकता के लिए साझा करें एवं कृषि जागृति, स्वास्थ्य सामग्री, सरकारी योजनाएं, कृषि तकनीक, व्यवसायिक एवं जैविक खेती से संबंधित जानकारियां प्राप्त करने के लिए जुड़े कृषि जागृति चलो गांव की ओर से या कृषि संबंधित किसी भी समस्या के जैविक समाधान के लिए WhatsApp करें।
