कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में बताया कि देशभर में 30,18,361 किसानों ने अब तक अपने बैंक खाते को आधार से जोड़ने की अनिवार्य प्रक्रिया पूरी नहीं की है। इसके चलते वे केंद्र सरकार की पीएम-किसान समेत विभिन्न प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) आधारित योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। 6 फरवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, आधार लिंकिंग लंबित मामलों में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर है। इसके बाद गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र का स्थान आता है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि आधार से जुड़े बैंक खाते के बिना किसी भी योजना की किस्त का भुगतान संभव नहीं है। यही कारण है कि जिन किसानों की सीडिंग प्रक्रिया अधूरी है, उनके खातों में राशि अंतरित नहीं हो पा रही है। हालांकि मंत्रालय ने यह भी भरोसा दिलाया कि जैसे ही आधार लिंकिंग पूर्ण होगी, लंबित किस्तों का भुगतान तुरंत संबंधित बैंक खातों में कर दिया जाएगा।
मंत्रालय के अनुसार आधार सीडिंग एक निरंतर प्रक्रिया है, क्योंकि किसान समय-समय पर बैंक खाते बदलते रहते हैं या नए खाते खुलवाते हैं। ऐसे में अपडेट विवरण सुनिश्चित करना आवश्यक हो जाता है। पूर्ण कवरेज के उद्देश्य से केंद्र सरकार राज्यों के साथ समन्वय कर विशेष अभियान चला रही है। इस अभियान में कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएससी और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
मंत्री ठाकुर ने बताया कि किसानों को प्रक्रिया पूरी करने के लिए एसएमएस के माध्यम से सूचनाएं भेजी जा रही हैं, ताकि वे समय पर अपने बैंक खाते आधार से लिंक करा सकें और किसी भी वित्तीय सहायता से वंचित न रहें। डिजिटल भुगतान प्रणाली की पारदर्शिता और दक्षता बनाए रखने के लिए आधार सीडिंग अनिवार्य कदम है।
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