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देश में 94% बारिश का अनुमान; खरीफ सीजन के लिए शुरुआती संकेत चुनौतीपूर्ण

09/04/2026 by krishijagriti5

देश में 94% बारिश का अनुमान; खरीफ सीजन के लिए शुरुआती संकेत चुनौतीपूर्ण

देश में 2026 के मानसून को लेकर आने वाली शुरुआती खबरें खेती-किसानी के लिहाज से थोड़ी चिंताजनक नजर आ रही हैं। निजी मौसम एजेंसी स्काइमेट के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, इस साल मानसून की बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना जताई गई है। एजेंसी का अनुमान है कि इस बार कुल वर्षा दीर्घकालिक औसत के 94 प्रतिशत तक ही सीमित रह सकती है।

स्काइमेट के इन आंकड़ों के मुताबिक कुल बारिश का आंकड़ा 868.6 मिमी के मानक मुकाबले थोड़ा नीचे रहेगा। हालांकि यह कमी सुनने में बहुत बड़ी नहीं लगती, लेकिन मानसून का असली गणित केवल मात्रा पर नहीं बल्कि उसके समय और वितरण पर निर्भर करता है। खरीफ की फसलों के लिए बारिश का सही समय पर होना ही बंपर उत्पादन की गारंटी देता है।

रिपोर्ट में सबसे बड़ी चेतावनी ‘अल नीनो’ के विकसित होने की संभावना को लेकर दी गई है। यह समुद्री घटना अक्सर भारतीय मानसून की लय बिगाड़ने के लिए जानी जाती है। विशेष रूप से अगस्त और सितंबर के महीनों में अल नीनो बारिश के प्रवाह को रोक सकता है।

गौरतलब है कि भारत की कुल वार्षिक वर्षा का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा चार महीने के मानसून सीजन से प्राप्त होता है। ऐसे में यदि बुवाई के बाद फसल के महत्वपूर्ण विकास चरणों में पानी की कमी रहती है, तो इसका सीधा असर उत्पादन और ग्रामीण भारत की आर्थिक सेहत पर पड़ना तय है। किसानों की आय का एक बड़ा हिस्सा इन्ही बादलों की मेहरबानी पर टिका होता है।

हालांकि कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति अभी पूरी तरह निराशाजनक नहीं हुई है। अब सबकी नजरें भारतीय मौसम विभाग के पहले आधिकारिक पूर्वानुमान पर टिकी हैं। मौसम विभाग का अनुमान आने के बाद ही इस बात की अधिक स्पष्टता मिलेगी कि देश के किन हिस्सों में मानसून मेहरबान रहेगा और कहाँ किसानों को अतिरिक्त सिंचाई का सहारा लेना पड़ सकता है।

यह भी पढ़े: पश्चिमी यूपी में गन्ने पर ‘लाल सड़न’ का कहर; 2,000 करोड़ की फसल बर्बाद होने का अनुमान

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Filed Under: कृषि समाचार Tagged With: Below Normal Rainfall, Impact of El Niño on India, Long Period Average, Monsoon 2026 Forecast, Skymet Weather Report

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