कृषि मंत्रालय के पहले अग्रिम उत्पादन अनुमान के अनुसार वर्ष 2025-26 में देश का बागवानी उत्पादन लगभग स्थिर रहने की संभावना है। कुल उत्पादन 3,708.46 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 3,707.38 लाख टन से मामूली अधिक है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बागवानी क्षेत्र किसानों की आय बढ़ाने में लगातार अहम भूमिका निभा रहा है, जिसे रकबे और उत्पादन में स्थिर विस्तार का समर्थन मिल रहा है।
अनुमान के मुताबिक सब्जी उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सब्जी उत्पादन पिछले वर्ष के 2,072.08 लाख टन से बढ़कर 2,177.97 लाख टन रहने का अनुमान है। इस वृद्धि में प्याज, आलू, मिर्च और पत्तागोभी जैसी प्रमुख फसलों का योगदान रहा है। फल उत्पादन में भी हल्की बढ़ोतरी की संभावना है, जो 1,186.80 लाख टन तक पहुंच सकता है। हालांकि फूलों का उत्पादन घटकर 41.65 लाख टन रहने का अनुमान है।
वहीं मसाला क्षेत्र इस वृद्धि का एक प्रमुख आधार बनकर उभरा है। मसालों का रकबा 1.38 प्रतिशत बढ़कर 50.93 लाख हेक्टेयर हो गया है और उत्पादन में 4 प्रतिशत से अधिक वृद्धि का अनुमान है। इसमें जीरा, अदरक, लहसुन और हल्दी जैसी फसलों का महत्वपूर्ण योगदान है। कुल मिलाकर, सब्जियों और मसालों में मजबूती के चलते बागवानी क्षेत्र की विकास गति बनी रहने की उम्मीद है, भले ही कुल उत्पादन लगभग स्थिर रहे।
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