फसल की कम पैदावार और होली की छुट्टियों के दौरान मजदूरों की कमी जैसे कारणों के चलते पिछले पखवाड़े में ज्योति किस्म के आलू की कीमतें 30 से 40 प्रतिशत बढ़कर 24 से 25 रुपए हो गई थी। हालांकि, अब यह घटकर 20 से 21 रुपए तक आने के आसार है। पश्चिम बंगाल वेंडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल डे ने पीटीआई से कहा, होली की छुट्टियों के दौरान मजदूरों की भारी कमी और अचानक बारिश के कारण फसल के नुकसान के चलते कीमतों में हालिया उछाल आया है। लेकिन मुझे उम्मीद है कि अगले सप्ताह से आलू की कीमतें धीरे धीरे घटकर 20 से 21 रुपए प्रति किलोग्राम हो जायेगी।
उन्होंने कहां कि लोडिंग और अनलोडिंग के लिए आवश्यक श्रम बल का लगभग 80 प्रतिशत प्रवासी मजदूर हैं, जो आमतौर पर होली त्योहार के दौरान घर लौटते हैं। हालांकि उन्हें इस सप्ताह से उनके काम पर लौटने की उम्मीद हैं। पश्चिमी बंगाल कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के वरिष्ठ सद्स्य पतित पवन डे ने कहां कि दिसंबर में असामयिक बारिश और फिर लेट ब्लाइट रोग के कारण पूर्व और पश्चिम बर्धमान और पूर्व मेदिनीपुर दोनों जिलों में उत्पादन घटा हैं।
हालांकि, हुगली में फसल अच्छी थी, जिससे बंगाल में अनुमानित उत्पादन हानि को लगभग 10 प्रतिशत तक कम करने में मदद मिली। अन्यथा, उत्पादन 20 से 30 प्रतिशत कम होता। गौरतलब है कि केंद्रीय कृषि मंत्रालय के पहले अग्रिम फसल उत्पादन अनुमान के अनुसार, फसल वर्ष 2023 से 24 में प्याज और आलू दोनों का उत्पादन घटने की संभावना हैं। आलू का उत्पादन लगभग 589.9 लाख टन रहने की उम्मीद है, जो पिछले साल के लगभग 601.4 लाख टन के मुकाबले थोड़ा कम है।
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