पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव अब भारत के राजकोषीय गणित को प्रभावित करने लगा है। वैश्विक स्तर पर उर्वरकों की बढ़ती कीमतों के कारण केंद्र सरकार पर सब्सिडी का बोझ भारी होने की संभावना है। उर्वरक विभाग के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि चालू वित्त वर्ष (2026-27) के लिए तय 1.71 लाख करोड़ रुपये का सब्सिडी बजट अनुमान से काफी ऊपर जा सकता है।
हालांकि, सरकार की ओर से अभी सटीक बढ़ोतरी का कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है। खरीफ सीजन की भारी मांग को देखते हुए भारत ने अपनी आयात योजनाओं को विस्तार दिया है। सरकार की योजना महंगे वैश्विक दामों के बावजूद करीब 64 लाख टन यूरिया और 19 लाख टन कॉम्प्लेक्स उर्वरकों का आयात करने की है।
इस सीजन के लिए देश में उर्वरकों की कुल मांग लगभग 390 लाख टन आंकी गई है। संतोषजनक बात यह है कि इस मांग के मुकाबले वर्तमान में 195 लाख टन से अधिक का स्टॉक पहले से ही मौजूद है, जो किसानों को शुरुआती राहत प्रदान करता है। घरेलू उत्पादन के मोर्चे पर भी स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बनी हुई है।
मार्च से अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़े तनाव के बाद भी देश ने अप्रैल तक करीब 41 लाख टन यूरिया और 5.39 लाख टन डीएपी का उत्पादन किया है। इसी अवधि में लगभग 14 लाख टन एनपीके उर्वरकों का उत्पादन भी दर्ज किया गया है। आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती देने के लिए सरकार ने इसी दौरान आयात के जरिए 17 लाख टन अतिरिक्त खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि खाद की आपूर्ति फिलहाल संतुलित है, लेकिन वैश्विक बाजार की अनिश्चितता सरकार के लिए एक बड़ी वित्तीय चुनौती बनती जा रही है। यदि कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो सरकार को राजकोषीय घाटे और किसान कल्याण के बीच एक बारीक संतुलन बनाना होगा। फिलहाल, पर्याप्त भंडार और सुचारु उत्पादन प्रक्रिया खरीफ बुवाई से पहले किसानों के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच साबित हो रही है।
यह भी पढ़े: गुजरात में एग्रीस्टैक पंजीकरण अनिवार्य, बिना रजिस्ट्रेशन नहीं मिलेगी सरकारी सहायता
जागरूक रहिए व नुकसान से बचिए और अन्य लोगों के जागरूकता के लिए साझा करें। कृषि लेख, सरकारी योजनाएं, कृषि तकनीक, व्यवसायिक एवं जैविक खेती से संबंधित सटीक जानकारियां प्राप्त करने के लिए जुड़े कृषि जागृति चलो गांव की ओर से या कृषि संबंधित किसी भी समस्या के जैविक समाधान के लिए WhatsApp करें।
कृषि जागृति-Krishi Jagriti एक अग्रणी डिजिटल समाचार मंच है, जो भारतीय किसानों को सशक्त बनाने के लिए समर्पित है। हमारा उद्देश्य किसानों तक नवीनतम कृषि लेख, सरकारी योजनाएं, उन्नत कृषि तकनीक, बाजार भाव और जैविक खेती से संबंधित सटीक और उपयोगी जानकारियों का प्रसारण करना है। हम ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों के जीवन में सकारात्मक सुधार लाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
